ठाणे के दौरान दुख, निराशा और हताशा की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। चौबीस वर्ष की एक महिला को उसके पति ने छोड़ दिया था। इस सदमे से वह उबरी भी नहीं थी कि के कारण उसकी नौकरी चली गई। उसके लिए घर चलाना मुश्किल हो गया। इन हालात में निराश होने पर उसे लगा कि वह अपनी नवजात बच्ची को पाल नहीं पाएगी। यह सोच-सोचकर वह मानसिक रूप से इतनी परेशान हो गई कि उसने महज चार दिन की अपनी बच्ची को के खारेगांव स्थित एक मैदान में लावारिस छोड़ दिया। पुलिस को मैदान में मिली थी बच्ची पुलिस ने सूचना मिलने पर खारेगांव रेलवे फाटक के करीब स्थित मैदान में पड़ी लावारिस बच्ची को बरामद किया था। उसके पास कोई नहीं था। एसीपी सुनील घोसालकर के मार्गदर्शन और सीनियर पीआई कन्हैयालाल थोरात के नेतृत्व में एपीआई योगेश शिरसाट की टीम ने बच्ची की मां को खोजना शुरू किया। उन्हें शुरू में यह संदेह था कि शायद अवैध संबंध के चलते इस बच्ची का जन्म हुआ होगा और इसीलिए उसकी मां उसे छोड़कर चली गई होगी। पुलिस ने आसपास के अस्पतालों सहित मनपा के छत्रपति शिवाजी अस्पताल में छानबीन की। उसके बाद मिली सूचना के आधार पर पास की बस्ती में पूछताछ शुरू की। प्रेम विवाह किया था, जो नहीं चलाआखिर पास की एक बस्ती से पुलिस ने इस महिला को ढूंढ निकाला। महिला ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने घर वालों के विरोध के बावजूद घर से भागकर 27 वर्षीय युवक से प्रेम विवाह किया था। वह पति के साथ झारखंड में रहने चली गई थी। महिला के अनुसार, गर्भवती होने के बाद पति के साथ उसका विवाद हो गया था। बात इतनी बिगड़ी कि पति ने उसे छोड़ दिया और वह मजबूर होकर कलवा में अपनी मां के घर आ गई थी।
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