मोदी सरकार की प्लानिंग अब भारतीय रेलवे के आईआरसीटीसी का निजीकरण (IRCTC disinvestment) करने की है। इसके लिए सरकार ऑफर ऑफ सेल्स यानी ओएफएस का सहारा से सकती है। ऑफर ऑफ सेल्स के तहत एक मौजूदा कंपनी अपने शेयर्स को एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के जरिए ही बेच सकती है। ऑफर ऑफ सेल्स में कम से कम 25 फीसदी शेयर म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों जैसे इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए सुरक्षित रहते हैं। सीएनबीसी आवाज की रिपोर्ट के अनुसार निजीकरण के विभाग ने मर्चेंट बैंकर्स और सेलिंग बैंकर्स की नियुक्ति के लिए बोलियां भी मंगाई हैं, ताकि एक डील हो सके। रिपोर्ट के अनुसार 3 सितंबर को बोली लगाने से पहले की एक मीटिंग हो सकती है और 11 सितंबर से बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
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