जारवा जनजाति में कोरोना फैलने का डर, कैसे?

पोर्ट ब्लेयर अंडमान आदिम जनजाति विकास समिति (Andaman Adim Janjati Vikas Samiti) के स्टाफ के 5 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस घटना ने सबको टेंशन इसलिए दे दी है, क्योंकि डर है कि कहीं ये वायरस जारवा जनजाति (Jarawa tribe) में ना फैल जाए। कोरोना के पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद समिति का दक्षिण अंडमान का जिर्गाटांग ऑफिस अगले आदेश तक के लिए सील कर दिया है। स्टाफ के सभी लोग मेडिकल सुपरविजन में हैं। प्रोटोकॉल के हिसाब से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी शुरू कर दी गई है। ये समिति जारवा जनजाति जैसे आदिवासियों के लिए काम करती है। अब समिति के स्टाफ के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से डर लग रहा है कि कहीं ये वायरस जारवा जनजाति में ना फैल जाए। बता दें कि जारवा जनजाति की कुल आबादी सिर्फ 480 है। सरकार ने किए थे कोरोना से बचाव के इंजताम हजारों सालों से अंडमान-निकोबार के द्वीप पर रहने वाली जारवा जनजाति के आदिवासियों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए यहां की सरकार ने विशेष इंतजाम किए हैं। हालांकि, यह सब लोग कोरोना वायरस के प्रकोप से एकदम अंजान है। लेकिन इसके बावजूद भी जहां यह लोग रहते हैं, उस द्वीप के पास से एक रोड जाती है। जिसे अब सरकार ने आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। इसके अलावा इस पूरे इलाके में जारवा प्रोटेक्शन पोस्ट बना दी गई हैं। ताकि कोई भी टूरिस्ट या स्थानीय नागरिक जारवा लोगों के करीब तक भी ना पहुंच सके। समुद्र के रास्ते पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ताकि कोई मछुवारा अपने आप या किसी टूरिस्ट को वहां तक ना ले जाए। इसके लिए निगरानी शुरू कर दी गई है।


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