'नो कॉन्फिडेंस मोशन'...गहलोत का 'ट्रस्ट वोट'

जयपुर राजस्थान में कांग्रेस के भीतर जारी सियासी 'संग्राम' का अंत हो गया है। मुख्यमंत्री के आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने हिस्सा लिया। बैठक में कांग्रेस ने के अविश्वास प्रस्ताव के जवाब में विश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने शुक्रवार से शुरू हो रहे सत्र में विश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। पार्टी नेता ने कहा कि विधायक दल की हुई बैठक में यह घोषणा की गई कि विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। कांग्रेस लाएगी विश्वास प्रस्ताव: अविनाश पांडे पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा, "कांग्रेस विश्वास प्रस्ताव लाएगी। हमने इसके लिए विधानसभा सचिवालय को अर्जी दी है। विधानसभा की कार्य संचालन समिति इस बारे में कोई फैसला लेगी।" विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री गहलोत ने विधायकों से अब तक हुई बातों को भूलकर आगे बढ़ने को कहा है। बता दें, विधानसभा का पांचवां सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है। 200 सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं। वहीं 13 निर्दलीय, राष्ट्रीय लोक दल का एक, माकपा के दो, भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो, भाजपा के 72 व उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायक हैं। बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव को जनता के मुद्दे उठाने के लिए करेगी इस्तेमालवहीं राजस्थान में मुख्य विपक्षी दल बीजेपी, सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी, जिसमें जनता के मुद्दे उठाएं जाएंगे। बीजेपी की विधायक दल में पार्टी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि विधानसभा के शुक्रवार से शुरू हो रहे सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। कटारिया ने कहा, "हम अपनी तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं। हमने अपने प्रस्ताव में उन सारे बिंदुओं को लिया है जो आज राजस्थान में ज्वलंत हैं।" अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की घोषणा के बीच विधानसभा का यह सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।


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