19 MLA लौटे तो गहलोत ने सुना दी खरी-खरी

जयपुरराजस्थान के मुख्यमंत्री और के बीच तकरार गुरुवार को पार्टी विधायक दल की बैठक में दोनों की मुलाकात के साथ ही खत्म हो गई। दो धड़ों में बंटी प्रदेश कांग्रेस को जोड़ने और सरकार पर आए सियासी संकट को आलाकमान की कोशिशें टालने में कामयाब रहा। लेकिन दोनों के बीच इस मुलाकात को लेकर गहलोत खेमा और मुख्यमंत्री खुद कितने संजिदा है इसका अंदाजा गहलोत के उस संबोधन से लगाया जा सकता है जो उन्होंने विधायक दल की बैठक में दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि, 'हम इन 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते लेकिन वह खुशी नहीं होती अपने तो अपने होते हैं।' दरअसल, एक महीने तक दोनों खेमों के नेताओं और गहलोत-पायलट के बीच रही कड़वाहट आलाकमान के इन प्रयासों से अभी दूर नहीं हुई है। राजनीतिक हलकों में पायलट के इस बयान को लेकर कहा जा रहा है कि पायलट की वापसी को प्रदेश कांग्रेस और गहलोत आलाकमान से थोंपा हुआ फैसला मान रहे है। भले ही मजबूरन पायलट और उनके खेमे के विधायकों का इस बैठक में स्वागत किया गया लेकिन अभी उनसे दूरियां कम नहीं हुई हैं। होटल फेयरमोंट नहीं पहुंचे पायलट खेमे के विधायक सिविल लाइन्स स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में भले ही सचिन पायलट समेत सभी कथित 19 बागी विधायक शामिल हुए लेकिन इसके बाद फिर से दोनों खेमों में दूरियां बन गई। दरअसल, एक ही शहर में रहते हुए दोनों गुटों के विधायक एक जगह नहीं रुके हैं। गहलोत खेमे के विधायकों की बाड़ाबंदी जारी है और सभी को बैठक के बाद फिर से होटल में भेजा गया है। लेकिन पायलट खेमे के विधायकों को यहां जगह नहीं दी गई है। सभी विधायक अपने-अपने आवास पर लौट गए हैं। गहलोत ने कहा- सभी गिले शिकवे दूर सीएम अशोक गहलोत ने एक दिन पहले कहा था कि जो विधायक गए थे, वो वापस आ गए हैं। हम सभी सारे गिले - शिकवे दूर कर एक साथ मिलकर काम करेंगे। विधायकों की नाराजगी को लेकर गहलोत ने इस दौरान कहा कि उनकी नाराजगी स्वाभाविक है, सभी विधायकों को मैंने समझाया है कि राजनीति में लोकतंत्र को बचाने के लिए और लोगों की सेवा करने के लिए सहन भी करना पड़ता है। लिहाजा सभी ने मेरी बात का सम्मान रखते हुए आगे बढ़ने का फैसला लिया है। सचिन पायलट बोले- सीएम गहलोत की भाषा को लेकर दुख जयपुर लौटने पर पायलट ने मीडिया से बातचीत में गहलोत के निकम्मा और नकारा बताने वाले बयान को लेकर दुख जताया था। पायलट ने कहा कि मैं भी इंसान हूं। मुझे दुख और निराशा हुई। पायलट ने कहा कि हमारे पास बड़ा मिशन है , राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। ऐसे में कहा जा सकता है कि ऐसे कई कड़वाहट सचिन पायलट और गहलोत के बीच है, जिसे कम होने में अभी काफी वक्त लगेगा।


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