जमातियों पर फर्जी खबरें, योगी सरकार सख्त

कुमार अंशुमान, लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने सांप्रदायिक तनाव फैलाने के इरादे से शेयर की जा रही गलत जानकारियों और फर्जी खबरों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। तबलीगी जमात (tablighi jamaat) के सदस्यों को राज्य से क्वारंटाइन में रखे जाने के बाद से सोशल मीडिया पर ऐसी फर्जी खबरें देखने को मिल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी समुदायों के 300 से अधिक धार्मिक नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में योगी ने धार्मिक नेताओं से अनुरोध किया कि वे लोगों से कोविड-19 (covid 19) के खिलाफ लड़ाई में सरकार का सहयोग करने की अपील जारी करें। यूपी सीएम ने भी उन्हें आश्वासन दिया कि सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचना और फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पढ़ेंः हो रही कार्रवाई यूपी के पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी ने कहा, 'हमें केंद्र सरकार से भी निर्देश मिले हैं कि हमें पुलिस या सरकार के माध्यम से गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों का सक्रियता से मुकाबला करना चाहिए।' डीजी ने कहा कि सभी जोनल और जिला पुलिस इकाइयों के सोशल मीडिया सेल, सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रख रहे हैं और अगर कुछ भी गलत नजर आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। रामपुर में उड़ी फर्जी सूचना रविवार को समाचार रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया था कि रामपुर में क्वारंटाइन जमातियों ने मांसाहारी भोजन की मांग को लेकर हंगामा किया। सहारनपुर पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि जांच के बाद यह सूचना फर्जी पाई गई और खबरें गलत थीं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी बात पोस्ट करने से पहले मीडिया को जांचने की सलाह भी दी है। पढ़ेंः प्रयागराज में भी जमाती को लेकर उड़ी फेक न्यूज प्रयागराज में दो परिवारों के बीच संघर्ष छिड़ गया और लोटन निषाद नामक व्यक्ति मारा गया। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कई टीवी चैनलों और मीडियाकर्मियों ने कहा कि इस व्यक्ति को तबलीगी जमात से संबंध रखने वाले व्यक्ति ने मार डाला। रविवार को प्रयागराज पुलिस ने ऐसे आरोपों का खंडन किया और सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि न तो पीड़ित और न ही आरोपी का जमात से कोई संबंध था। पढ़ेंः क्वारंटाइन वॉर्डों में मोबाइल बैन पुलिस के साथ-साथ, राज्य भर के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जिला मजिस्ट्रेटों और जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने सलाह दी है कि वे किसी भी अफवाह को न फैलाएं और अच्छा काम करें। किसी भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता को अपने मोबाइल फोन को क्वारंटाइन वॉर्डों में ले जाने की अनुमति नहीं है और कोई भी जानकारी केवल जिले के सीएमओ या डीएम ही साझा करेंगे। पश्चिमी यूपी के एक जिला मजिस्ट्रेट ने कहा जो समय अभी चल रहा है, हम राज्य में किसी भी तरह का सांप्रदायिक तनाव बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।


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