शाहीन बाग से लोगों को हटाने की फिर कोशिश

नई दिल्ली नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ पिछले 15 दिसंबर से दिल्ली के में जमा लोगों को समझाबुझाकर वहां से हटाने का प्रयास लगता है फिर से शुरू हो गया है। मंगलवार शाम को और एक बार फिर से शाहीन बाग पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बात की। यहां आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और वजाहत हबीबुल्लाह को मध्यस्थ नियुक्त किया है। बातचीत के बाद शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने नोएडा-फरीदाबाद मार्ग को एक तरफ से खोल दिया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन करने की बात से मना कर दिया था। मध्यस्थ सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट को सौंप चुके हैं। अब एक बार फिर से मध्यस्थ प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे हैं, इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इन्हें समझाबुझाकर यहां से हटाने का प्रयास जारी है। पहले जीतनी भीड़ नहीं मध्यस्थों की बातचीत के दौरान शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के बीच मनमुटाव देखने को मिला था। कुछ प्रदर्शनकारी जहां प्रदर्शन खत्म करने के पक्ष में दिखे तो कुछ इसी जगह पर जमे रहने के पक्षधर हैं। दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट हिस्से में हिंसा के दौरान भी प्रदर्शनकारी शाहीन बाग में जमे रहे थे। हालांकि हिंसा के बाद यहां के हालात में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब पहले जैसी भीड़ यहां नहीं दिख रही है। हिंदू सेना ने शाहीन बाग खाली कराने का आह्वान किया दक्षिणपंथी समूह हिंदू सेना ने एक मार्च को शाहीन बाग रोड खाली कराने का आह्वान किया था। शनिवार को पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने शाहीन बाग में सीएए विरोधी आंदोलन के खिलाफ अपना प्रस्तावित प्रदर्शन वापस ले लिया था। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) आर पी मीणा ने कहा, ‘समय से किए हस्तक्षेप के कारण प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द कर दिया गया, लेकिन हमने यहां एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया है।’ अधिकारी ने बताया कि दो महिलाकर्मियों की टुकड़ियों समेत 12 टुकड़ियों को शाहीन बाग में तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस के साथ चार पुलिस जिलों के 100 पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।


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