सुनवाई से पहले बागियों के दर पर दिग्गी का धरना

बेंगलुरु दरअसल, कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजिय सिंह आज तड़के बागी कांग्रेसी विधायकों के होटल के सामने धरने पर बैठ गए थे। हालांकि बाद में उन्हें ऐहतियातन हिरासत में ले लिया गया। दिग्गी ने कहा कि 26 मार्च को राज्यसभा चुनाव की वोटिंग है और वह अपने विधायकों से बात करने आए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के 21 विधायक में ठहरे हैं और वे अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। बोले, राज्यसभा चुनाव का सवाल है होटल के बाहर दिग्विजय सिंह ने कहा, 'मैं मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव का उम्मीदवार हूं और 26 मार्च को वोटिंग होनी है। मेरे विधायकों को यहां रखा गया है, वे मुझसे बात करना चाहते हैं। उनके फोन छीन लिए गए हैं, पुलिस मुझे उनसे बात नहीं करने दे रही है। पुलिस कह रही है कि उनकी सुरक्षा को खतरा है।' चरम पर पहुंचा सियासी घमासान दरअसल, मध्य प्रदेश की पर आए खतरे को लेकर राज्य में सियासी घमासान चरम पर है। राज्य की मौजूदा कांग्रेस सरकार विधानसभा में बहुमत परीक्षण के लिए राज्यपाल लालजी टंडन की ओर से तय 16 तारीख की मियाद को कोरोना वायरस के बहाने नजरअंदाज कर दिया। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है जिस पर आज साढ़े दस बजे सुनवाई शुरू होनी है। इसे भी पढ़ें: गवर्नर और स्पीकर में लेटर वॉर ध्यान रहे कि कांग्रेस के 21 विधायकों की बगावत के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई है। बेंगलुरु के रामदा होटल में ठहरे इन विधायकों में कुछ ने वीडियो मेसेज जारी कर कांग्रेस का साथ छोड़ने का ऐलान किया है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति और राज्यपाल लालजी टंडन के बीच लेटर वॉर भी छिड़ गया है। पहले स्पीकर ने गवर्नर को चिट्ठी लिखकर इन विधायकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिरी की तो जवाबी में गवर्नर ने तंज भरा पत्र लिख दिया।


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