नई दिल्ली नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के दंगों के पीछे राजनीतिक साजिश के आरोप लगने और कुछ नेताओं के द्वारा की गई विवादित बयानबाजी के बाद बीजेपी पर लगातार अपने कुछ नेताओं के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेने का दबाव बढ़ता जा रहा है। खासतौर से आप ने गंभीर आरोप लगने के बाद जिस तरह पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ कार्रवाई की, उसके बाद बीजेपी नेतृत्व से भी सवाल किया जा रहा है कि वह उन बीजेपी नेताओं के खिलाफ ऐक्शन कब लेगी, जिनके आपत्तिजनक बयानों ने 'आग में घी' का काम किया। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखेंगे। और उनसे अनुरोध करेंगे कि अदालत और चुनाव आयोग एक कमिटी का गठन करे और वह कमिटी हेट स्पीच के मानक और उसका स्वरूप तय करे। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी व्यक्ति का किस तरह का बयान हेट स्पीच के दायरे में आता है। साथ ही इसके लिए सजा या जुर्माने का प्रावधान भी तय करे, ताकि हेट स्पीच के नाम पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का खेल बंद हो। दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय से ही हेट स्पीच और भड़ाकऊ नारों का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है। पिछले दिनों कपिल मिश्रा के बयान को लेकर कहा गया कि उनके बयान के बाद ही नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा शुरू हुई। हालांकि इसके बावजूद बीजेपी ने कपिल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। तभी से तिवारी लगातार यह कहते आ रहे हैं कि हेट स्पीच को परिभाषित करना जरूरी है, ताकि लोग अपने आप से किसी के बारे में कोई फैसला न करे।
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