इंदौर नागरिकता (संशोधन) ऐक्ट (सीएए) और एनआरसी के विरोध में शुक्रवार को एक कार्यकर्ता ने मध्य प्रदेश के इंदौर में खुद को आग के हवाले कर दिया। सीपीएम कार्यकर्ता ने आग लगाने के साथ ही अपने हस्ताक्षर किए गए पैंफलेट भी फेंके। उन पैंफलेट्स लिखा गया था कि ये कानून भारत की स्वतंत्रता और संविधान को खतरे में डाल देंगे। दर्जी का काम करने वाले 65 साल के रमेश प्रजापत ने सड़क के किनारे खड़े होकर राह चलते लोगों को पहले पैम्फलेट बांटे और फिर खुद को आग लगा ली। उनकी हालत फिलहाल गंभीर है।'लाल सलाम' लिखे इन पैम्फलेट में स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और अशफाकउल्ला खान और बी. आर. आंबेडकर की तस्वीरें थीं और आखिर में एक गीत की चंद लाइनें लिखी थीं- 'तू हिंदू बनेगा ना मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा।' पीड़ित की हालत गंभीर फिलहाल पीड़ित बयान देने की हालत में नहीं है। तुकोगंज के थाना प्रभारी निर्मल कुमार श्रीवास ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि किस वजह से उन्होंने खुद को आग लगा ली। स्टेट सीपीएम सेक्रटरी कैलाश लिम्बोदिया ने पुष्टि की कि प्रजापत एक पार्टी कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा, 'हमें सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। यह कहना जल्दबाजी होगी कि उसने ऐसा क्यों किया।' सीपीएम के डिस्ट्रिक्ट सेक्रटरी छोटेलाल शेरावत ने कहा कि प्रजापत ने इंदौर में पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। 'पूरा देश कर रहा सीएए का विरोध' सीपीएम कार्यकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित पैंफलेट्स में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया में हाल की हिंसा का जिक्र है। इनमें लिखा है, 'पूरा देश नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के खिलाफ विरोध कर रहा है। धारा 144 लागू होने के बावजूद भी महिलाओं और बच्चों को सड़कों पर ले जाया गया है। पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोग जेल गए हैं।' पैंफलेट्स में लिखा है, 'तानाशाही नहीं चलेगी।'
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