कुमार अंशुमन और संजय सिंह, नई दिल्ली/पटना बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने नया नारा गढ़ा था- दो हजार बीस, हटाओ नीतीश। इसके जरिए लालू ने संकेत दिए थे कि आने वाले चुनाव में उनके निशाने पर जेडीयू की सहयोगी बीजेपी से ज्यादा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे। लेकिन लालू की ही पार्टी में वरिष्ठ नेताओं के बीच गंभीर मतभेद उनकी इस रणनीति को पटरी से उतार सकते हैं। रघुवंश ने पार्टी पर सुस्त रवैए का लगाया आरोप वरिष्ठ आरजेडी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने 9 जनवरी को लालू यादव को एक खत लिखा है। लालू अभी रांची की बिरसा मुंडा जेल में चारा घोटाले के मामले में सजा काट रहे हैं। इस खत में रघुवंश ने चुनावों को लेकर पार्टी पर सुस्त रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है। साथ ही उन्होंने लालू से कार्रवाई की मांग की है। 'चुनाव में 250 दिन बचे, कोई कमिटी नहीं बनी' रघुवंश ने खत में लिखा, 'विधानसभा चुनाव में 250-300 दिन बचे हैं और पार्टी ने अब तक बूथ लेवल से लेकर नैशनल लेवल तक कोई कमिटी ही गठित नहीं की है। पार्टी कई चुनौतियों का सामना कर रही है।' उन्होंने आरजेडी चीफ से जितनी जल्दी हो सके संगठनात्मक चुनाव करवाने की अपील की है। पढ़ें: जगदानंद कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी: रघुवंश वरिष्ठ आरजेडी नेता ने हमारे सहयोगी इकनॉमिक टाइम्स को बताया, '10 दिसंबर को हमें राज्य का अध्यक्ष मिल गया था। इसके बाद से जिला और बूथ स्तर पर पार्टी के संगठन के संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है। बिना सांगठनिक ढांचे के हम कैसे चुनाव लड़ने जा रहे हैं?' इसके साथ ही रघुवंश ने आरोप लगाया कि नए प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं। 'क्या इसी तरह नीतीश कुमार को मात देंगे?' रघुवंश ने ईटी को बताया, 'हमारे पास ऐसा प्रदेश अध्यक्ष है जो पार्टी दफ्तर के दरवाजे बंद कर लेता है और कार्यकर्ताओं से मुलाकात नहीं करता है। रोज बहुत सारे विधायक बिना उनसे मुलाकात किए लौट रहे हैं। हम राज्य की सबसे बड़ी पार्टी हैं। सभी सहयोगियों को भरोसे में लेने की बजाए जगदानंद सिंह कहते हैं कि गठबंधन छोड़ने के लिए हर कोई स्वतंत्र है। क्या इसी तरह हम नीतीश कुमार को मात देंगे?' पढ़ें: पिछले साल 3 दिसंबर को लालू प्रसाद के एक बार फिर आरजेडी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी ने फैसला किया था कि सभी वर्गों के लोगों को पार्टी पदाधिकारियों और संगठन के चुनाव में हिस्सेदारी देने के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। हालांकि अब तक इस फैसले पर आगे कोई कदम नहीं उठाया गया है। शिवानंद ने दोनों को दी लालू से मुलाकात की सलाह आरजेडी के एक और वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने जगदानंद सिंह और रघुवंश के बीच अनबन की बात मानते हुए दोनों को लालू से मुलाकात कर विवाद को सुलझाने की सलाह दी है। तिवारी ने ईटी को बताया, 'दोनों नेताओं की मंशा गलत नहीं है। रघुवंशजी देरी की वजह से चिंतित हैं और मुझे लगता है कि दोनों को लालूजी से मुलाकात करनी चाहिए और जल्द मसले को हल करना चाहिए।' पढ़ें: सीमांचल में बढ़ रहा ओवैसी का प्रभाव इस बीच आरजेडी का युवा चेहरा और नेता विपक्ष तेजस्वी यादव सीमांचल इलाके का दौरा करने वाले हैं। इस इलाके में कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज आते हैं। आरजेडी के लिए इस क्षेत्र में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी का बढ़ता प्रभाव मुश्किलें खड़ी कर रहा है। आरजेडी के एक सूत्र ने कहा, 'अब आरजेडी के लिए मुख्य चुनौती बिहार में अपने वर्तमान एमवाई समीकरण (मुस्लिम-यादव) से ऊपर उठने की है।'
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