सजा सुनाए जाने के करीब डेढ़ साल बाद दोषियों को नोटिस दे दिए हैं कि अगर वे सजा-ए-मौत में कोई रियायत चाहते हैं तो सात दिन के भीतर राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दाखिल करें। सात दिन की यह मियाद आज पूरी हो रही है।
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