नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाजी कोच का मानना है कि पाकिस्तान में आजादी की कमी है और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अधिक महफूज नहीं है। उन्होंने कहा कि ये बातें इस देश में रहने से आपको 'सबसे ज्यादा चिड़चिड़ा' बनाती हैं। जिम्बाब्वे के यह पूर्व क्रिकेटर साल 2014 से पाकिस्तान टीम के साथ बतौर बल्लेबाजी कोच जुड़े हुए थे। पिछले सप्ताह () ने उनका कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में ग्रांट फ्लावर ने पाकिस्तानी टीम के साथ अपने अनुभव को साझा किया है। जब ग्रांट से पाकिस्तान में रहते हुए सबसे फ्रस्ट्रैटिंग (चिड़चिड़ाहट वाली) चीज पूछी गई तो उन्होंने 'सुरक्षा पक्ष और आजादी की कमी' को बताया। पढ़ें: साल 2009 में पाकिस्तान दौरे पर आई श्रीलंका की टीम पर आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद से दुनिया की बहुत ही कम टीमों ने पाकिस्तान का दौरा किया है। इस मौके पर फ्लावर ने साल 2017 में पाकिस्तान का चैंपियंस ट्रोफी में जीत दर्ज करना अपने कोचिंग करियर की बेहतरीन उपलब्धियों में गिना है। पढ़ें: जब उनसे पूछा गया कि ऐसी क्या चीज है, जिसे अब वह याद नहीं करना चाहेंगे? इसके जबाव में फ्लावर ने कहा, 'पूर्व खिलाड़ियों द्वारा पीठ पीछे वार और टीवी चैनलों के पीछे खेली जाने वाली राजनीति को को वह कभी याद नहीं करेंगे।'
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