बृजेश त्रिपाठी, मुंबईएशिया के सबसे बड़े स्लम धारावी में 267 दिन के बाद शुक्रवार को कोरोना का कोई नया केस नहीं मिला। यहां दिसंबर में लगातार सिंगल डिजिट में कोरोना के मरीज सामने आ रहे थे। कई दिन सिर्फ 1 मरीज मिला था। धारावी में 1 अप्रैल को पहला कोरोना केस सामने आया था। उसके बाद यह इलाका लंबे समय तक कोरोना का हॉटस्पॉट बना रहा। 3 मई को यहां एक दिन में सर्वाधिक 94 कोरोना के केस सामने आए थे। धारावी को कोरोना मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और बीएमसी ने पूरी ताकत झोंक दी थी। देखें, जी/ नॉर्थ वॉर्ड के असिस्टेंट कमिश्नर किरण दिघावकर ने बताया कि धारावी में सिर्फ 12 ऐक्टिव केस रह गए हैं। इनमें से 8 होम क्वारंटीन हैं और 4 मरीजों का इलाज चल रहा है। WHO ने की थी तारीफकोरोना पर काबू पाने के धारावी मॉडल की विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने तारीफ की थी। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के मीडिया ने भी धारावी मॉडल की तारीफ की थी। फिलीपींस ने इस मॉडल का ब्लू प्रिंट मंगवाकर अपने यहां लागू किया था। ऐसे दी कोरोना को मात बीएमसी कमिश्नर आई.एस. चहल के नेतृत्व और अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी के मार्गदर्शन में असिस्टेंट कमिश्नर किरण दिघावकर ने 4 टी मंत्र अपनाया। इसके तहत ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट पर जोर दिया गया। आखिरकार उन्हें को मात देने में सफलता मिली।
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